बिहार के जमींदारों और किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने “भूमि मापी महाभियान” की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत अब आपकी जमीन (चाहे विवादित हो या अविवादित) की पैमाइश महज 7 से 11 दिनों में हो जाएगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध होगी, जिससे रिश्वत और बिचौलियों की समस्या खत्म होगी। यह अभियान 26 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक चलेगा।

मुख्य जानकारी (हाइलाइट्स)
| विवरण | जानकारी |
| अभियान का नाम | बिहार भूमि मापी महाभियान 2026 |
| शुरू होगा | 26 जनवरी 2026 (गणतंत्र दिवस) |
| समाप्ति तिथि | 31 मार्च 2026 |
| पैमाइश का समय | अविवादित जमीन: 7 दिन |
| पैमाइश का समय | विवादित जमीन: 11 दिन |
| आवेदन मोड | पूर्णतः ऑनलाइन (Online Application) |
| मुख्य उद्देश्य | जमीन मापी को सरल, पारदर्शी और नागरिक-अनुकूल बनाना |
अभियान का लक्ष्य और फायदे (Benefits)
इस अभियान को ईज़ ऑफ़ लिविंग (Ease of Living) पहल के तहत शुरू किया गया है। इसके मुख्य फायदे हैं:
- तेज और पारदर्शी प्रक्रिया:पारंपरिक तरीके में महीनों लग जाते थे, अब मापी 7-11 दिन में पूरी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ट्रैक की जा सकेगी।
- बिचौलियों और रिश्वत पर अंकुश:ऑनलाइन आवेदन और तय शुल्क से बिचौलियों की भूमिका खत्म। अमीनों पर रिश्वत के आरोपों पर लगाम।
- विवादों का समाधान:विवादित जमीन की पैमाइश भी तय समय में, सभी पक्षों को नोटिस देकर की जाएगी, जिससे भविष्य में झगड़े कम होंगे।
- दस्तावेज़ीकरण में सुधार:मापी रिपोर्ट का एक मानक फॉर्मेट तय किया गया है, जिससे रिपोर्टिंग में एकरूपता आएगी और रिकॉर्ड ऑनलाइन अपडेट होंगे।
- स्पष्ट शुल्क व्यवस्था:अब शुल्क सीधे ऑनलाइन जमा होगा, जिससे राजस्व की चोरी रुकेगी।
किसे आवेदन करना चाहिए? (Who Should Apply?)
- जिनकी जमीन की अभी तक पैमाइश (Survey) नहीं हुई है।
- जिनके पास जमीन के अस्पष्ट या पुराने दस्तावेज (Khasra/Khatouni) हैं।
- जिनकी जमीन विवादित (Disputed) है और उसका स्पष्ट बंटवारा या माप नहीं है।
- जो नामांतरण (Mutation) या अन्य कामों के लिए अप-टू-डेट भूमि रिकॉर्ड चाहते हैं।
पूरी प्रक्रिया कैसे होगी? (Step-by-Step Process)
- ऑनलाइन आवेदन:अभियान की अवधि में आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करें। आवेदन में जमीन विवादित है या नहीं, यह बताना होगा।
- तिथि निर्धारण:आवेदन मिलने के 3 दिन के भीतर अंचल अधिकारी (CO) मापी की तिथि तय करेंगे।
- नोटिस जारी:विवादित जमीन के मामले में सभी हिस्सेदारों और पड़ोसियों (चौहद्दीदार) को नोटिस भेजा जाएगा।
- भूमि मापी (Survey):सरकारी अमीन तय तिथि पर जाकर जमीन का माप (Measurement) लेंगे।
- अविवादित जमीन:मापी 7 दिन के भीतर पूरी।
- विवादित जमीन:मापी 11 दिन के भीतर पूरी (सभी पक्षों की उपस्थिति में)।
- रिपोर्ट अपलोड:अमीन द्वारा मानक फॉर्मेट में रिपोर्ट (प्रतिवेदन) तैयार कर 14वें दिन तक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर दी जाएगी।
- रिकॉर्ड अपडेट:इस रिपोर्ट के आधार पर ऑनलाइन भूमि रिकॉर्ड (Land Record) अपडेट हो जाएगा।
बिहार भूमि मापी अभियान 2026: ऑनलाइन आवेदन, 26 जनवरी से शुरू, फायदे और पूरी प्रक्रिया
विवादित और अविवादित जमीन में अंतर (Disputed vs Non-Disputed Land)
| पैरामीटर | अविवादित जमीन | विवादित जमीन |
| पैमाइश समय | 7 दिन | 11 दिन |
| प्रक्रिया | सीधी मापी | अंचल अधिकारी द्वारा विवाद स्पष्टीकरण, सभी पक्षों को नोटिस |
| लाभ | त्वरित निपटान | विवाद का समाधान, भविष्य की समस्या से मुक्ति |
महत्वपूर्ण बिंदु (Important Points to Note)
- अभियान के दौरान विशेष सर्वेक्षण अमीनों की तैनाती की जाएगी ताकि काम तेजी से हो।
- मापी रिपोर्ट में जमीन का विवरण, नक्शा (मानचित्र) और अन्य जरूरी विवरण शामिल होंगे।
- पूरी प्रक्रिया की ऑनलाइन ट्रैकिंग की जा सकेगी, आवेदक अपना स्टेटस देख सकते हैं।
- पहले की तरह अमीन रिपोर्ट “जैसे-तैसे” जमा नहीं कर सकेंगे, एक मानक फॉर्मेट का पालन करना होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. इस भूमि मापी अभियान 2026 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Ans: इसका मुख्य उद्देश्य बिहार में जमीन पैमाइश की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी, ऑनलाइन और नागरिक-अनुकूल बनाना है, ताकि लोगों को महीनों इंतजार और भटकन से मुक्ति मिल सके।
Q2. अभियान कब तक चलेगा?
Ans: यह अभियान 26 जनवरी 2026 से शुरू होकर 31 मार्च 2026 तक चलेगा।
Q3. विवादित जमीन की पैमाइश कितने दिन में होगी?
Ans: विवादित जमीन (Disputed Land) की पैमाइश अधिकतम 11 दिनों में पूरी कर दी जाएगी। इसमें सभी पक्षों को नोटिस देने का समय शामिल है।
Q4. क्या आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन होगा?
Ans: हां, आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन (Online) होगी। आवेदन, शुल्क जमा और रिपोर्ट डाउनलोड सब ऑनलाइन ही होंगे।
Q5. मापी के बाद रिपोर्ट कब और कैसे मिलेगी?
Ans: मापी पूरी होने के बाद अमीन द्वारा तैयार रिपोर्ट (प्रतिवेदन) को 14वें दिन तक ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा, जहां से आवेदक इसे डाउनलोड कर सकेंगे।
निष्कर्ष:
बिहार सरकार का यह भूमि मापी महाभियान 2026 जमींदारों और किसानों की दशकों पुरानी समस्या को दूर करने की एक सराहनीय पहल है। अगर आपकी जमीन से जुड़ा कोई विवाद है या रिकॉर्ड अपडेट नहीं है, तो 26 जनवरी से 31 मार्च 2026 के बीच इस अभियान का लाभ जरूर उठाएं। पारदर्शी और तेज प्रक्रिया से आपकी जमीन का सही दस्तावेजीकरण हो सकेगा, जो भविष्य के लिए एक सुरक्षित निवेश साबित होगा।
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