देशवासियों के लिए एक अहम खबर! 14 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार भारत की जनगणना 2027 (Census 2027) की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। कोविड-19 महामारी के कारण 2021 में स्थगित हुई जनगणना अब अप्रैल 2026 से दो चरणों में आयोजित की जाएगी।

गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने जनगणना 2027 के पहले चरण – मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना (House Listing & Housing Census) के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस चरण में देश के हर घर से 33 प्रश्नों के सही और सत्य उत्तर मांगे जाएंगे। यह जानकारी जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 8 के तहत देना अनिवार्य है।
इस पोस्ट में हम आपको Census 2027 से जुड़ी हर अहम जानकारी देंगे – शेड्यूल, 33 सवालों की पूरी लिस्ट, सेल्फ एन्यूमरेशन प्रक्रिया, डिजिटल जनगणना ऐप, और वो सभी बातें जो हर भारतीय नागरिक को पता होनी चाहिए।
Census 2027: दो चरणों में होगा सर्वेक्षण
भारत की जनगणना 2027 दो चरणों में पूरी की जाएगी:
| चरण | कार्य | तिथि (अवधि) | विवरण |
| प्रथम चरण | मकान सूचीकरण एवं आवास जनगणना (House Listing & Housing Census) | अप्रैल से सितंबर 2026 (30 दिन, राज्यानुसार निर्धारित) | घर-घर सर्वेक्षण, 33 प्रश्न |
| द्वितीय चरण | जनगणना (Population Enumeration) | फरवरी 2027 | राष्ट्रीय जनसंख्या गणना, जाति आंकड़े संग्रह |
संदर्भ तिथि (Reference Date): 1 मार्च 2027 की मध्यरात्रि (लेह-लद्दाख एवं हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर के बर्फीले क्षेत्रों को छोड़कर)
सेल्फ एन्यूमरेशन (Self-Enumeration) की सुविधा – पहली बार डिजिटल क्रांति
डिजिटल इंडिया की मिसाल: पहली बार जनगणना का डेटा मोबाइल ऐप के माध्यम से डिजिटल रूप से एकत्र किया जाएगा। करीब 30 लाख गणनाकर्ता (Enumerators) इस कार्य में लगाए जाएंगे।
सेल्फ एन्यूमरेशन क्या है?
सरकार ने आम नागरिकों को खुद अपना डेटा दर्ज करने की सुविधा दी है। यह सुविधा 15 दिनों के लिए उपलब्ध रहेगी, ठीक उससे पहले जब गणनाकर्ता घर-घर जाकर सर्वे शुरू करेंगे।
| राज्य/केंद्रशासित प्रदेश | सेल्फ एन्यूमरेशन अवधि | मकान सूचीकरण अवधि |
| गोवा | 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 | 16 अप्रैल से 15 मई 2026 |
| अन्य राज्य | राज्यानुसार निर्धारित (अप्रैल-सितंबर 2026) | 30 दिन की अवधि |
सेल्फ एन्यूमरेशन के लिए ऐप: एंड्रॉइड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म के लिए जनगणना मोबाइल ऐप उपलब्ध होगा।

मकान सूचीकरण में पूछे जाने वाले 33 प्रश्न (Complete 33 Questions)
गृह मंत्रालय ने जनगणना 2027 के प्रथम चरण के लिए 33 प्रश्नों की सूची अधिसूचित की है। यह 2021 में प्रस्तावित 31 प्रश्नों से अधिक हैं। फर्श, दीवार और छत की सामग्री को अब अलग-अलग पूछा जाएगा।
घर से संबंधित प्रश्न (House Related Questions)
| क्र. | प्रश्न | विवरण |
| 1 | मकान नंबर (Building Number) | नगर निगम/पंचायत द्वारा आवंटित संख्या |
| 2 | जनगणना मकान संख्या (Census House Number) | जनगणना विभाग द्वारा निर्धारित संख्या |
| 3 | घर के फर्श की प्रमुख सामग्री | सीमेंट, संगमरमर, लकड़ी, मिट्टी आदि |
| 4 | घर की दीवार की प्रमुख सामग्री | पक्की ईंट, कच्ची ईंट, लकड़ी, फ्लाई ऐश |
| 5 | घर की छत की प्रमुख सामग्री | कंक्रीट, टाइल, टीन, फूस आदि |
| 6 | घर का उपयोग | आवासीय/व्यावसायिक/मिश्रित/खाली |
| 7 | घर की स्थिति | अच्छी/जीर्णोद्धार योग्य/ध्वस्त |
परिवार से संबंधित प्रश्न (Household Related Questions)
| क्र. | प्रश्न | विवरण |
| 8 | परिवार संख्या (Household Number) | विभागीय सूची अनुसार |
| 9 | घर में सामान्यतः निवास करने वाले व्यक्तियों की संख्या | पुरुष+महिला+बच्चे |
| 10 | परिवार के मुखिया का नाम | पूरा नाम (जैसा आधार में) |
| 11 | परिवार के मुखिया का लिंग | पुरुष/महिला/अन्य |
| 12 | परिवार के मुखिया की जाति | अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/अन्य |
| 13 | घर का स्वामित्व | स्वयं का/किराए का/सरकारी आवंटन |
| 14 | परिवार के पास उपलब्ध कमरों की संख्या | सोने/बैठक/भोजन कक्ष सहित |
| 15 | घर में रहने वाले विवाहित दंपतियों की संख्या | एक से अधिक जोड़े हो सकते हैं |
बुनियादी सुविधाएं (Basic Amenities)
| क्र. | प्रश्न | विवरण |
| 16 | पेयजल का मुख्य स्रोत | नल/हैंडपंप/कुआं/टैंकर/बोतलबंद |
| 17 | पेयजल स्रोत की उपलब्धता | घर के अंदर/बाहर |
| 18 | प्रकाश व्यवस्था का मुख्य स्रोत | बिजली/सोलर/केरोसिन/अन्य |
| 19 | शौचालय की सुलभता | उपलब्ध/अनुपलब्ध |
| 20 | शौचालय का प्रकार | फ्लश/पिट/सार्वजनिक/अन्य |
| 21 | गंदे पानी का निकास | पक्की नाली/कच्ची नाली/कोई नहीं |
| 22 | स्नानगृह की उपलब्धता | हां/नहीं |
| 23 | रसोईघर एवं LPG/PNG कनेक्शन | हां/नहीं |
| 24 | खाना पकाने का मुख्य ईंधन | LPG/लकड़ी/गोबर/केरोसिन/बिजली |
| 25 | परिवार का मुख्य खाद्यान्न | गेहूं/चावल/ज्वार/बाजरा/मक्का |
घरेलू उपकरण एवं संपत्ति (Household Assets)
| क्र. | प्रश्न | विवरण |
| 26 | रेडियो/ट्रांजिस्टर | हां/नहीं |
| 27 | टेलीविजन | हां/नहीं |
| 28 | इंटरनेट सुविधा | हां/नहीं (मोबाइल/ब्रॉडबैंड) |
| 29 | लैपटॉप/कंप्यूटर | हां/नहीं |
| 30 | टेलीफोन/मोबाइल/स्मार्टफोन | हां/नहीं |
| 31 | साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल | हां/नहीं |
| 32 | कार/जीप/वैन | हां/नहीं |
| 33 | मोबाइल नंबर | केवल जनगणना संचार हेतु |
कानूनी प्रावधान: जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 8
जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 8(1) के तहत जनगणना अधिकारी किसी भी व्यक्ति से वे सभी प्रश्न पूछ सकते हैं, जिन्हें केंद्र सरकार राजपत्र अधिसूचना द्वारा निर्देशित करे।
धारा 8(2): प्रत्येक व्यक्ति इन प्रश्नों का सही उत्तर देने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है।
⚠️ महत्वपूर्ण छूट:
- किसी भी व्यक्ति को अपने परिवार की महिला सदस्य का नाम बताने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।
- कोई भी महिला अपने पति/दिवंगत पति या किसी अन्य व्यक्ति का नाम बताने के लिए बाध्य नहीं है, जिसका नाम लेना वह रीति-रिवाज से वर्जित मानती हो।
गोपनीयता: जनगणना में दी गई जानकारी को किसी अन्य सरकारी एजेंसी के साथ साझा नहीं किया जाता और न ही इसका उपयोग नागरिकों के खिलाफ किया जा सकता है।
पहली बार: स्वतंत्र भारत में कुल जाति गणना (Caste Census)
ऐतिहासिक फैसला: केंद्रीय कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि जनगणना 2027 में पहली बार स्वतंत्र भारत में सभी जातियों की गणना की जाएगी।
- 1931 के बाद पहला मौका:ब्रिटिश काल में 1881 से 1931 तक जाति गणना होती थी। 1951 से केवल SC/ST की गणना की गई।
- OBC गणना:राज्य स्तर पर OBC सूची तैयार करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होगी।
- डिजिटल डेटा:सारा जाति डेटा इलेक्ट्रॉनिक रूप से संग्रहित किया जाएगा।
नोट: जाति संबंधी प्रश्न दूसरे चरण (फरवरी 2027) में पूछे जाएंगे। प्रथम चरण में केवल परिवार के मुखिया की जाति (SC/ST/Other) पूछी जाएगी।
Census 2021 क्यों नहीं हो सका? (Why Census 2021 was Delayed?)
भारत के इतिहास में पहली बार जनगणना समय पर नहीं हो सकी:
- 2021:कोविड-19 महामारी के कारण स्थगित
- पिछली जनगणना:2011 में हुई थी
- विशेष:विश्व युद्ध और भारत-चीन/भारत-पाक युद्ध के समय भी जनगणना स्थगित नहीं हुई थी
डिजिटल जनगणना: कैसे काम करेगा ऐप? (Digital Census App Features)
जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल होगी:
| विशेषता | विवरण |
| ऐप प्लेटफॉर्म | Android और iOS |
| डेटा एंट्री | कोडेड रिस्पॉन्स (कोड डालने होंगे) |
| पेपर वर्क | शून्य (पूरी तरह पेपरलेस) |
| मॉनिटरिंग | वेब पोर्टल के माध्यम से रियल-टाइम ट्रैकिंग |
| ट्रेनिंग | मास्टर ट्रेनर्स द्वारा गणनाकर्ताओं को प्रशिक्षण |
| पायलट प्रोजेक्ट | चयनित जिलों में प्री-टेस्ट किया गया |
आम नागरिक क्या करें? (Citizen Checklist)
✅ सेल्फ एन्यूमरेशन का इंतजार करें: अपने राज्य की तारीख जानें और खुद डेटा दर्ज करें।
✅ दस्तावेज़ तैयार रखें: आधार कार्ड, प्रॉपर्टी दस्तावेज़, LPG कनेक्शन, वाहन RC आदि।
✅ सही जानकारी दें: सभी 33 प्रश्नों का सत्य उत्तर देना कानूनी दायित्व है।
✅ मोबाइल नंबर वेरिफाई करें: जनगणना ऐप पर OTP आएगा।
✅ गणनाकर्ता का सहयोग करें: वे सरकारी अधिकारी होते हैं, इनका सहयोग करें।
महत्वपूर्ण लिंक (Important Links) – Table Format
| संसाधन | लिंक/विवरण | उपलब्धता |
| जनगणना 2027 आधिकारिक वेबसाइट | censusindia.gov.in | उपलब्ध |
| जनगणना मोबाइल ऐप (Android) | Google Play Store | अप्रैल 2026 से |
| जनगणना मोबाइल ऐप (iOS) | Apple App Store | अप्रैल 2026 से |
| गृह मंत्रालय – जनगणना पेज | mha.gov.in | उपलब्ध |
| सेल्फ एन्यूमरेशन गाइड | राज्य पोर्टल पर उपलब्ध | राज्यानुसार |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
प्रश्न 1: जनगणना 2027 में कितने प्रश्न पूछे जाएंगे?
उत्तर: प्रथम चरण (मकान सूचीकरण) में 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। यह पहले प्रस्तावित 31 प्रश्नों से अधिक है।
प्रश्न 2: क्या जनगणना में जाति पूछी जाएगी?
उत्तर: हां। स्वतंत्र भारत में पहली बार सभी जातियों की गणना की जाएगी। यह दूसरे चरण (फरवरी 2027) में होगी।
प्रश्न 3: सेल्फ एन्यूमरेशन क्या है?
उत्तर: यह एक नई सुविधा है जिसमें आप खुद अपने मोबाइल ऐप से जनगणना का डेटा दर्ज कर सकते हैं। यह सुविधा 15 दिनों के लिए उपलब्ध रहेगी।
प्रश्न 4: क्या जनगणना का डेटा सुरक्षित है?
उत्तर: हां। जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत यह डेटा पूरी तरह गोपनीय है और किसी अन्य सरकारी एजेंसी को नहीं दिया जाता।
प्रश्न 5: अगर मैं गलत जानकारी दूं तो क्या होगा?
उत्तर: जनगणना अधिनियम की धारा 8 के तहत सही जानकारी देना अनिवार्य है। गलत जानकारी देना कानूनी अपराध है।
प्रश्न 6: क्या मकान सूचीकरण का डेटा संपत्ति कर से जुड़ा है?
उत्तर: नहीं। यह डेटा केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए है। इसका उपयोग संपत्ति कर या किसी अन्य कर निर्धारण के लिए नहीं किया जाता।
प्रश्न 7: मोबाइल नंबर क्यों मांगा जा रहा है?
उत्तर: यह केवल जनगणना संबंधी संचार के लिए है। इसका उपयोग किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जाएगा।
प्रश्न 8: क्या किराए के मकान में रहने वालों को जानकारी देनी होगी?
उत्तर: हां। जो भी व्यक्ति उस मकान में सामान्यतः निवास करता है, उसे जानकारी देनी होगी, चाहे मकान किराए का हो या अपना।
प्रश्न 9: जनगणना 2027 का लाभ क्या है?
उत्तर: जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही अगले 10 वर्षों के लिए नीति निर्माण, योजना आवंटन, संसाधनों का वितरण और संसदीय सीटों का परिसीमन किया जाता है।
प्रश्न 10: क्या प्रवासी भारतीयों को जनगणना में शामिल किया जाएगा?
उत्तर: जनगणना में केवल वही व्यक्ति शामिल किए जाते हैं जो भारत में 6 महीने या उससे अधिक समय से निवास कर रहे हों।
निष्कर्ष (Conclusion)
Census 2027 सिर्फ एक सरकारी सर्वेक्षण नहीं, बल्कि भारत के विकास का रोडमैप है। यह डेटा अगले 10 वर्षों के लिए नीति निर्माण, योजना आवंटन, संसाधनों के वितरण और विधायी प्रतिनिधित्व का आधार बनेगा।
डिजिटल जनगणना भारत को आत्मनिर्भर और डेटा-संचालित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। सेल्फ एन्यूमरेशन सुविधा आम नागरिकों को सशक्त बनाएगी और डेटा की गुणवत्ता में सुधार लाएगी।
👉 आपसे विनम्र निवेदन: जब आपके दरवाजे पर जनगणना अधिकारी आएं, तो उनका स्वागत करें, पूरे सत्य के साथ जवाब दें, और इस राष्ट्रीय महायज्ञ में अपना योगदान दें।
🇮🇳 जय हिंद! 🇮🇳
📢 Disclaimer: यह पोस्ट विभिन्न सरकारी अधिसूचनाओं और विश्वसनीय स्रोतों के अध्ययन पर आधारित है। नवीनतम अपडेट के लिए कृपया आधिकारिक वेबसाइट censusindia.gov.in देखें।
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